Way back 1995-96
स्वप्न नगरी मुम्बई, ढेरों ख्व़ाब लिए उतरता हूँ दादर स्टेशन में. किंकर्तव्यविमूढ़ अचम्भित, स्मार्ट लोगों की भीड़, खूबसूरत लडकियाँ, दौड़ते भागते लोग, हर एक की आँखों में स्वप्न स्वप्न और स्वप्न....
तलाश एक अदद नौकरी की.... और नौकरी का मिलना......प्रक्रिया शुरू होना सीखने की जो आज तक बदस्तूर जारी है. सच है ज़िन्दगी एक “jigsaw puzzle” ही तो है. छोटे छोटे अनुभवों के पीसेज में बिखरी हुई.
हमें उन छोटे छोटे पीसेज को आपस में जोड़कर के ही तो खूबसूरत बनाना है ये जिंदगी.
तो कोकाकोला की नौकरी के दौरान अपनी टीम में जोश भरने के लिए मेरे दोस्तों और मैंने एक कोक एंथम तैयार की थी, जो कुछ इस तरह थी.

We are RED, We are White! We are Coke’s Dynamite! We the brethren pray to achieve excellence through execution by hard-work, go getting motivation and team spirit.

शायद ये बहुत लम्बी हो जायेगी अगर मैं इसे पूरा लिखूंगा. लेकिन एक बात जो बार बार मुझे झकझोरती है, वो है की मैं कैसे सुबह उठने से लेकर रात सोने जाने तक आशावाद और जोश से सराबोर रहता हूँ. और अंत में जो बात निकल कर आती है, वो है, जिंदगी में कुछ ऐसा होता है, जो आपको unstoppable बनाता है. जैसे मेरे लिए मेरा वो कुछ सालों का मोर्निंग रूटीन.
कहते हैं लाल रंग जोश का प्रतीक होता है. और शायद इसलिए नौकरी छोड़ने के 17 सालों बाद भी मेरा लाल रंग से मोह भंग नही हुआ है. बल्कि मेरी शिराओं में आज भी वो स्फूर्ति, वो जूनून बनकर दौड़ रहा है.
हम सब को तलाश करनी होती है उन कारणों की, जो हमे बनाते हैं unstoppable.

आप चुप क्यूँ हैं, आप भी ढूंढिए.... कोई एक ट्रिगर जो बदलने की दम रखता हो आपको, आपके जीवन को...

ड्रीम it, अचीव it.

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